मौर्य काल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

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मौर्य काल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न (maurya kaal se sambandhit prashn uttar

मौर्य काल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (maurya kaal se sambandhit prashn uttar) –

मौर्य वंश भारत के प्राचीन वंशों में से एक है! चंद्रगुप्त मौर्य बिंदुसार अशोक आदि मौर्य साम्राज्य के प्रमुख राजा हुए हैं मौर्य काल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर इस प्रकार हैं –

प्रश्न :- मौर्य वंश के संस्थापक कौन हैं?

उत्तर :- मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य है, जिनका जन्म 345 ईसा पूर्व में हुआ था!

प्रश्न :- मौर्य वंश का उदय कब हुआ?

उत्तर :- चंद्रगुप्त मौर्य ने 321 ईसा पूर्व मौर्य वंश की स्थापना की!

प्रश्न :- मौर्य वंश का कार्यकाल कितना था?

उत्तर :- मौर्य वंश का कार्यकाल 321-185 ईसापूर्व था

प्रश्न :- चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु कौन थे?

उत्तर :- चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु थे! चाणक्य को कौटिल्य या विष्णुगुप्त भी कहा जाता था!

प्रश्न :- सेन्ड्रोकोट्टस के नाम से किसे जाना जाता था?

उत्तर :- सेन्ड्रोकोट्टस के नाम से चंद्रगुप्त मौर्य को जाना जाता था

प्रश्न :- चाणक्य ने कौन सी पुस्तक लिखी?

उत्तर :- चाणक्य ने अर्थशास्त्र नामक पुस्तक लिखी थी!

प्रश्न :- चाणक्य द्वारा लिखित अर्थशास्त्र में कितने अध्याय हैं

उत्तर :- चाणक्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र में 15 अधिकरणों एवं 180 प्रकरणों में विभाजित है! जिससे मौर्य कालीन इतिहास की जानकारी प्राप्त होती है!

प्रश्न :- चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस निकेटर को कब हराया था?

उत्तर :- चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस निकेटर को 305 ईसा पूर्व में हराया था!

प्रश्न :- सेल्यूकस ने अपनी पुत्री का विवाह किस राजा से किया था

उत्तर :- सेल्यूकस ने अपनी पुत्री का विवाह राजा चंद्रगुप्त मौर्य से किया था!

प्रश्न :- मेगस्थनीज की पुस्तक का नाम क्या हैं?

उत्तर :- मेगस्थनीज की पुस्तक का नाम इंडिका था!

प्रश्न :- प्लूटार्क के अनुसार चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस को कितने हाथी उपहार में दिए थे?

उत्तर :- प्लूटार्क के अनुसार चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 हाथी उपहार में दिए थे!

प्रश्न :- चंद्रगुप्त मौर्य ने जैन धर्म की शिक्षा किन से ली थी?

उत्तर :- चंद्रगुप्त मौर्य ने जैनी गुरु भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा ली थी!

प्रश्न :- चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु कब और कहा हुई?

उत्तर :- चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु 298 ईसा पूर्व में श्रवणबेलगोला में उपवास के द्वारा हुई!

प्रश्न :- चंद्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी कौन था?

उत्तर :- चंद्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी बिंदुसार हुआ, जो 298 ईसा पूर्व मगध की राजगद्दी पर बैठा!

प्रश्न :- बिंदुसार किस संप्रदाय का अनुयायी था?

उत्तर :- बिंदुसार आजीवक संप्रदाय का अनुयायी था!

प्रश्न :- बिंदुसार के अन्य नाम बताइए

उत्तर :- बिंदुसार को अमित्रघात के नाम से जाना जाता था? अमित्रघात का अर्थ होता है – शत्रु विनाशक! वायु पुराण में बिंदुसार को भद्रसा या वारिसर कहा गया है! जैन ग्रंथों में बिंदुसार को सिंहसेन कहा गया है!

प्रश्न :- कौन बिंदुसार के दरबार में राजदूत बनकर आया था?

उत्तर :- डाइमेकस बिंदुसार के दरबार में राजदूत बनकर आया था! वह सीरियन नरेश एण्टियोकस के दरबार से आया था!

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